बहराइच, 18 दिसंबर 2025: उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में छोटी-छोटी मासूम बच्चियों को अपना शिकार बनाने वाले कुख्यात अपराधी अविनाश पांडे उर्फ ‘सिंपल’ को विशेष POCSO कोर्ट ने चौथी बार आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
इस दरिंदे पर 5 से 8 साल की नाबालिग लड़कियों का अपहरण कर उनके साथ दुष्कर्म करने के चार अलग-अलग मामले दर्ज हैं।पुलिस सूत्रों के अनुसार, अविनाश पांडे ने जून-जुलाई 2025 में सुजौली इलाके में कई घटनाओं को अंजाम दिया था। वह टॉफी-बिस्किट का लालच देकर बच्चियों को जंगल में ले जाकर उनके साथ घिनौनी हरकत करता था।
पुलिस ने उसे जुलाई 2025 में गिरफ्तार किया था, जिसके बाद उसके फोन से आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो बरामद हुए थे।इससे पहले सितंबर और अक्टूबर 2025 में तीन अलग-अलग मामलों में उसे उम्रकैद की सजा हो चुकी है। हर मामले में कोर्ट ने 1.60 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। विशेष जज (POCSO) दीपकांत मणि ने तेजी से ट्रायल चलाकर इन सजाओं को सुनिश्चित किया, जो यूपी पुलिस की मिशन शक्ति अभियान का हिस्सा था।हालांकि, सोशल मीडिया और स्थानीय लोगों में गुस्सा है कि इतने जघन्य अपराधों के बावजूद आरोपी को फांसी की सजा क्यों नहीं दी गई? कई लोग कह रहे हैं कि अगर समय पर सख्त कार्रवाई होती तो शायद आगे की वारदातें रुक जातीं।
POCSO एक्ट में ऐसे मामलों में मृत्युदंड का प्रावधान है, लेकिन इसे लागू करने में दुर्लभता बनी हुई है।यह मामला बच्चों की सुरक्षा और न्याय व्यवस्था की तेजी पर सवाल उठाता है। पुलिस ने जांच टीम को सम्मानित किया है, लेकिन समाज की मांग है कि ऐसे दरिंदों को सबसे कड़ी सजा मिले ताकि दूसरों को सबक मिले।
























