सम्भल: उत्तरप्रदेश का सम्भल एकबार फिर चर्चाओं में है और इस बार चर्चा थोड़ी अलग है क्योंकि सम्भल की CJM कोर्ट ने सम्भल के उस वक्त के तत्कालीन सीओ रहे अनुज चौधरी और इंस्पेक्टर समेत 12 पुलिसकर्मियों पर 11 महीने की सुनवाई के बाद FIR के आदेश दे दिए है।
ये आदेश चंदौसी स्थित मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) विभांशु सुधीर ने तत्कालीन सीओ अनुज चौधरी और इंस्पेक्टर अनुज तोमर समेत 12 पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया है. यह आदेश हिंसा में घायल युवक के पिता यामीन की याचिका पर दिया गया.
लेकिन कहा जाता है कि ये उत्तरप्रदेश है और उसपर भी सम्भल जिला यहां का तापमान थोड़ा बढ़ा ही रहता है और इस मामले में भी सम्भल के एसपी कृष्ण कुमार ने कोर्ट के आदेश को मानने से इंकार करते हुए इस मामले को खबर बना दिया है।
सम्भल एसपी कृष्ण विश्नोई जो सीएम योगी आदित्यनाथ के बेहद खास आदमी माने जाते है उन्होंने कह दिया है कि हम इस मामले में किसी आदेश की नहीं मानते और किसी सूरत में FIR दर्ज नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि हम इस फैसले के खिलाफ अपर न्यायालय में अपील दायर करेंगे।
आपको जानना चाहिए कि सम्भल में हिंसा के दौरान आलम नाम के युवक को 3 गोलियां लगी थी लेकिन जानकारी के मुताबिक घायल होने के बाद उसने छुपकर अपना इलाज कराया और जान बच गई अब आलम के पिता की यामीन की याचिका पर कोर्ट ने 11 महीने की सुनवाई के बाद अनुज चौधरी समेत अन्य पुलिसकर्मियों पर FIR का आदेश दिया है।
हिंसा के बाद हुई न्यायिक जांच में सभी पुलिसकर्मियों को क्लीन चिट दे दी गई थी और सब के सब उसी बात से खुश थे लेकिन अदालत के फैसले ने ये तय है कि अनुज चौधरी समेत अन्य पुलिसकर्मियों की खुशी खत्म कर दी होगी। फिलहाल ये तय है कि अब इस मामले में बहुत कुछ होगा और बड़ी बात नहीं की हम इस मामले को जल्द ही हाई कोर्ट में भी देखें।
























