Kanpur News:आपको याद होगा बीते करीब एक माह पहले मेयर पुत्र की सरकारी पार्को पर लगी फोटो का विवाद इतना बढ़ गया था कि लोगों ने उनसे सवाल पूछने शुरू कर दिए कि ऐसा कैसे उसी बीच क्षेत्रीय लोगो ने डीएम से शिकायत की और कहा कि इन्होंने राजनैतिक रसूख के दमपर सरकारी जमीन पर कब्जा कर लिया है। सिविल लाइंस क्षेत्र में नजूल की जमीन पर अवैध कब्जे के मामले में महापौर के बेटे अमित पांडेय उर्फ बंटी समेत 14 लोगों के खिलाफ वाद दर्ज किया गया है। शिकायत के बाद जिला प्रशासन की तरफ से बनाई गई तीन सदस्यीय जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर पीपीई एक्ट के तहत एसीएम तृतीय यादवेंद्र सिंह वैंस की अदालत में वाद दर्ज किया गया है। अब जाहिर है मामला तुल पकड़ने वाला है।
पुलिस कमिश्नर आवास के पीछे ही कर डाला था कब्ज़ा।
पूरी जानकारी के मुताबिक पुलिस कमिश्नर आवास के पीछे स्थित ब्लाक नंबर एक, प्लाट संख्या 5 व 6 से जुड़ी शिकायत की गई थी जिसमें आरोप लगाया गया था कि नियमो को दरकिनार कर इस जमीन की रजिस्ट्री करवाई गई है जिसके बाद केवल राजनैतिक रसूख के चलते यहां लंबे समय से पड़ी नजूल भूमि पर चट्टा, पार्किंग, स्ट्रीट लाइटें, झोपड़ी, टीनशेड और ओपन जिम बना लिए गए। मौके पर गाय बंधी मिली और पानी की टंकी भी स्थापित पाई गई।
निष्काशित किए गए बागी पार्षदों की मेहनत लाइ रंग ।
बड़ी बात ये है कि ये मामला तब सुर्खियों में आया जब सदन से निष्काशित किए गए बागी पार्षदों ने बंटी पाण्डेय के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। इस सबके शहर के एक जमीनी पत्रकार की भूमिका भी बेहद अहम मानी जा रही है जिसने लगातार इस तरह के मुद्दों को उठाकर जनता और अधिकारियों तक इस मामले को पहुंचाने का काम किया है। शिकायत के बाद जिलाधिकारी जितेन्द्र कुमार सिंह ने एसडीएम सदर, एसीएम सप्तम और तहसीलदार सदर की संयुक्त टीम से जांच कराई गई जिसमें जांच में बड़े पैमाने पर अवैध कब्जे की पुष्टि हुई और अब कार्यवाही की संस्तुति भी की गई है।
लेखपाल की रिपोर्ट पर दर्ज किया गया वाद,अमित पांडेय उर्फ बंटी है मेन।
लेखपाल हरिशंकर विश्वकर्मा की रिपोर्ट पर दर्ज वाद में अमित पांडेय उर्फ बंटी, निजामुद्दीन, राम नारायण, मोहित, पप्पू, जुग्गीलाल, केदारनाथ यादव, शीला, रामकली, मन्नीलाल, अशोक, आशू, मुन्नी कश्यप, सुनीता, रज्जन, प्रेम प्रकाश व रमेश के नाम शामिल हैं। अब अदालत से नोटिस जारी कर पक्षकारों से जवाब-तलब किया जाएगा, जिसके बाद बेदखली की कार्रवाई की जाएगी। आपको बता दे ये मामला आने वाले चुनावो में भाजपा को अच्छा ख़ासा डैमेज देने का काम कर सकता है।
























