कानपुर : सत्यम त्रिवेदी शहर का वो नाम है जो आज से कुछ माह पहले खासा चर्चाओं मे था उन्होंने पनकी के पूर्व थाना प्रभारी मानवेंद्र सिंह पर आरोप लगाया था की थाना प्रभारी ने उन्हें अपने केबिन मे बंधक बनाकर जूतो से पीटा और अपमानजनक गालियां दी थी जिसके बाद मामले पर ब्राह्मण संगठनों ने कार्यवाही की मांग करते हुए कानपुर कमिश्नर से मिलकर कार्यवाही की मांग की थी।

लेकिन सत्यम त्रिवेदी (Satyam Trivedi) यही नही रुके उन्होंने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव जी से मिलकर अपनी पीड़ा को बया किया और बताया कि पुलिस मामले पर कैसे थाना प्रभारी को बचा रही है जिसके बाद उनके मामले ने तूल पकड़ लिया और थाना प्रभारी को लाइन भेज दिया गया साथ ही मामले की जांच भी शुरू कर दी गई।
सत्यम को लगा था कि अब उन्हें न्याय मिलेगा लेकिन अब कानपुर पुलिस ने उन्हें गुंडा एक्ट की नोटिस भेजकर अजीब मुश्किल मे डाल दिया है,थाना पनकी की रिपोर्ट के मुताबिक सत्यम दबंग और आपराधिक प्रकृति के व्यक्ति है उनपर 2025 मे दो मुकदमे दर्ज है साथ ही थाने की दो बीट रिपोर्ट दर्ज की गई है।
पूरा मामला देखकर ऐसा लगता है कि पुलिस ने जिस तेजी से दो महीनों में दो बीट सूचनाएं दर्ज करने का काम किया है वो सत्यम को जिलाबदर करने की तैयारी मे है – हो ना हो पूर्व मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी व्यथा कहना कही ना कही सत्यम को भारी पड़ता दिखाई दे रहा है, अखिलेश यादव से मिलने के बाद कानपुर पुलिस की प्रदेश स्तर पर भारी किरकिरी हुई थी और थाना प्रभारी पर दबाव के चलते कार्यवाही तक करनी पड़नी थी।
हमने इस मामले पर सत्यम से बात की तब उन्होंने बताया कि पुलिस उनपर फर्जी कार्यवाही कर डराना चाहती है, उनका कहना है कि ऐसी कार्यवाही से पीड़ित को डराकर,अपराधिक किस्म के पुलिसकर्मियों को बल देने का काम किया जा रहा है वो अब पुलिस कमिश्नर से मिलकर अपनी बात कहेंगे।
























