गौरव कुशवाहा, कानपुर देहात: लोक निर्माण विभाग में कैशियर और एकाउंटेंट ने मिलकर गजब कांड कर डाला, टेंडर खुले बगैर ही लाखो का भुगतान हो गया लेकिन किसी अधिकारी को कानोकान भनक नही हुई और भनक हो भी कैसे एक दूसरे से सब मिले जो हुए है।
फिलहाल मामले पर कानाफूसी हुई तो कईयों के हाथ पैर फूल गए कानपुर देहात से लेकर लखनऊ तक तार जोड़े गए कुल मिलाकर कहा जाए तो एक कैशियर और अकाउंटेंट को बचाने के लिए लोक निर्माण विभाग देहात के अधिकारियों ने अपने सारे घोड़े छोड़ दिए है।
अधिकारियों से जवाबदेही पर बात हुई नेताओं से मुलाकात हुई उसके बाद खबरों का प्रकाशन हुआ लखनऊ तक चुगली हुई तब जाकर मामले पर एक जांच कमेटी गठित हुई है लेकिन देखने वाली बात ये होगी कि ये जांच कमेटी भी दो महारथियों के बनाए गए 10% कमीशन वाले खेल से लेकर करोड़ो की अवैध वसूली का चक्रव्यू तोड़ पाती है या फिर उसी चक्रव्यू में फसकर इस जांच का भी दम टूट जाएगा।

फिलहाल योगी आदित्यनाथ की जीरो टॉलरेंस वाली सरकार को ये विभाग लगभग 1 हजार करोड के सरकारी खजाने का नुकसान करवा चुका है ऐसे में कानपुर देहात का ये मामला फिर से विभाग की फजीहत करवा रहा है अब देखना ये होगा कि इस बेहद गंभीर मामले पर अंतिम फैसला कबतक आता है.?
























