उत्तरप्रदेश की सियासत में भाजपा को गाली देकर फिर उन्हीं की शरण में जाकर मंत्री बने ओम प्रकाश राजभर इन दिनों अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में हैं लेकिन अब उनकी पार्टी टूटने की कगार पर पहुंच गई है हाल ही में सपा ने सीमा राजभर को महिला प्रकोष्ठ से प्रदेश अध्यक्ष बनाकर बड़ी जिम्मेदारी दी तो वही ओपी राजभर की पार्टी “सुभाषपा” से प्रदेश अध्यक्ष प्रेमचंद्र कश्यप ने बीते दिन इस्तीफा दे दिया।
प्रदेश अध्यक्ष अपने आप मे एक बेहद कद्दावर पद होता है और जब ये पद कोई छोड़ता है तब वो केवल अकेले पार्टी से अलग नही होता बल्कि उसके साथ प्रदेश स्तर के नेता पार्टी का साथ छोड़ देते है यही राजनीति का वसूल है।

बीते दिनो ओम प्रकाश राजभर महंगाई की विशेषताएं बता रहे थे फिर उन्होंने कई उल जुलूल बयान देकर पूरे प्रदेश के राजभर समाज को नाराज किया है शायद यही कारण है कि अब 2027 के चुनाव में इनकी पार्टी से इनके ही नेताओं का मोह भंग हो रहा है। फिलहाल पार्टी से इस्तीफा देकर प्रेमचंद्र कश्यप ने VIP पार्टी ज्वाइन कर ली है।
कयास ये भी लगाए जा रहे है कि अब पार्टी में इस्तीफो का दौर शुरू होने वाला है,क्योंकि नेताओं को अपने प्रदेश अध्यक्ष के लिए लॉयल्टी जो प्रूफ करनी है फिलहाल पार्टी की स्थिति बेहद खराब है और बैठकों का दौर शुरू हो चुका है।



















