गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जनपद गोरखपुर में एक निजी गर्ल्स इंटर कॉलेज से जुड़ा बेहद गंभीर मामला सामने आया है। गोला थाना क्षेत्र स्थित पूर्वांचल सेंट्रल एकेडमी गर्ल्स इंटर कॉलेज के प्रबंधक के बेटे प्रतीक त्रिपाठी पर उसी विद्यालय में पढ़ने वाली 10वीं की 15 वर्षीय छात्रा ने दुष्कर्म, ब्लैकमेल और धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
पीड़िता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ POCSO एक्ट समेत अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक आरोपी की गिरफ्तारी के लिए टीम लगाई गई है और उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
पढ़ाई और खर्च उठाने का दिया लालच।
पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार छात्रा का आरोप है कि आरोपी उसे काफी समय से परेशान कर रहा था। छुट्टी के बाद उसे अपने केबिन में बुलाया जाता था। आरोप है कि आरोपी ने छात्रा को शहर में पढ़ाने और उसकी पढ़ाई का खर्च उठाने का लालच दिया। छात्रा के मुताबिक आरोपी ने कथित तौर पर उसके साथ संबंध बनाने के लिए दबाव बनाया और विरोध करने पर उसे फेल कराने की धमकी भी दी।
कथित शोषण के बाद ऑडियो वायरल करने का आरोप।
रिपोर्ट के अनुसार छात्रा ने आरोप लगाया कि आरोपी ने उसके साथ कथित तौर पर कई बार जबरदस्ती की। इसी दौरान बातचीत का ऑडियो रिकॉर्ड किया गया। बाद में जब छात्रा ने विरोध किया तो कथित तौर पर वही ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया।
ऑडियो वायरल होने की जानकारी मिलने के बाद छात्रा के परिजनों ने शुक्रवार को गोला थाने पहुंचकर पुलिस को तहरीर दी, जिसके आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया।

पुलिस बोली- गिरफ्तारी के लिए दबिश जारी।
छात्रा की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगाई गई है और दबिश दी जा रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। क्षेत्राधिकारी गोला “दरवेश कुमार”
नाबालिग छात्रा की पहचान उजागर करने पर रोक।
मामले में पीड़िता नाबालिग है, इसलिए उसकी पहचान उजागर करना कानूनन प्रतिबंधित है। इसी वजह से छात्रा का नाम, फोटो, पता या ऐसी कोई जानकारी प्रकाशित नहीं की जा रही है जिससे उसकी पहचान सामने आए।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। वायरल ऑडियो, पीड़िता के बयान और अन्य साक्ष्यों की जांच के बाद मामले की वास्तविक स्थिति और स्पष्ट होगी।
सवाल यह है कि जिस संस्थान में छात्राएं अपने भविष्य को संवारने जाती हैं, वहां यदि किसी छात्रा पर इस तरह का दबाव बनाए जाने के आरोप सही साबित होते हैं, तो यह केवल एक अपराध नहीं बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय है।



















