अयोध्या हत्याकांड : रामलगन मौर्य के हत्यारे हिस्ट्रीशीटर समेत तीन गिरफ्तार,फर्जी आईडी पर खरीदी थी कार 

अयोध्या। पूराकलंदर थाना क्षेत्र के कंदैला गांव में 25 अगस्त को हुई रामलगन मौर्य की गोली और बम मारकर हत्या के मामले में अयोध्या पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। स्वाट, सर्विलांस और पूराकलंदर थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने हत्याकांड के मुख्य आरोपी बताए जा रहे हिस्ट्रीशीटर राजमणि सिंह समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में राजमणि सिंह, दीपक प्रजापति और मनीष शर्मा शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, हत्या के पीछे पुराना जमीन और रास्ते का विवाद सामने आया है।

पहले से रची गई थी हत्या की साजिश।

पुलिस जांच में सामने आया है कि रामलगन मौर्य और आरोपियों के बीच जमीन और रास्ते को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसी पुरानी रंजिश को लेकर रामलगन को रास्ते से हटाने की साजिश रची गई। पुलिस के अनुसार, वारदात को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने पहले से तैयारी की थी।

जांच में यह भी सामने आया कि घटना से तीन दिन पहले 22 अगस्त को लखनऊ से फर्जी आईडी के आधार पर काले रंग की Hyundai Verna कार खरीदी गई थी। पुलिस का कहना है कि इसी कार का इस्तेमाल वारदात की तैयारी और आरोपियों के आने-जाने में किया गया।

नहर पुलिया पर गोली और बम से हमला।

25 अगस्त की शाम कंदैला गांव की नहर पुलिया के पास रामलगन मौर्य को घेरकर हमला किया गया। पुलिस के मुताबिक हमलावरों ने गोली और बम से हमला किया। गोली लगने से रामलगन मौर्य गंभीर रूप से घायल हो गए और उनकी मौत हो गई।

हमले में रामलगन की मां पार्वती देवी भी गंभीर रूप से घायल हुईं। उन्हें उपचार के लिए लखनऊ ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।

पुलिस ने तीन आरोपियों को दबोचा।

हत्याकांड के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश के लिए स्वाट और सर्विलांस टीम को लगाया। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों, सर्विलांस और अन्य सुरागों के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची।

पुलिस ने मुख्य आरोपी राजमणि सिंह के अलावा दीपक प्रजापति और मनीष शर्मा को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से एक पिस्टल, एक मैगजीन, चार जिंदा कारतूस, एक खोखा कारतूस और घटना में इस्तेमाल की गई वरना कार बरामद की गई है।

पांच आरोपी अभी भी फरार।

पुलिस के अनुसार हत्याकांड में शामिल पांच अन्य आरोपी अभी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस वारदात में शामिल अन्य लोगों की भूमिका और पूरी साजिश की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।

पुलिस टीम की कार्रवाई से खुला हत्याकांड।

मामले के खुलासे में पूराकलंदर थाना पुलिस के साथ स्वाट और सर्विलांस टीम की अहम भूमिका रही। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और अन्य सुरागों को जोड़कर आरोपियों की पहचान की और उन्हें गिरफ्तार किया।

फिलहाल पुलिस फरार आरोपियों की तलाश कर रही है। मामले में आगे की जांच जारी है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर हत्याकांड से जुड़े अन्य तथ्यों और सभी आरोपियों की भूमिका का पता लगाया जा रहा है।