नेपाल की तबाही के बीच भारत बना सच्चा पड़ोसी, 47.5 टन राहत सामग्री भेजकर बढ़ाया मदद का हाथ

नई दिल्ली/काठमांडू। नेपाल में आई भीषण बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी है। कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित है और राहत एवं बचाव कार्य जारी हैं। ऐसे मुश्किल वक्त में भारत एक बार फिर अपने पड़ोसी देश के साथ मजबूती से खड़ा नजर आया है। भारत ने नेपाल के लिए मानवीय सहायता और आपदा राहत सामग्री की बड़ी खेप भेजी है।

विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने गुरुवार को बताया कि भारत ने नेपाल में अचानक आई भीषण बाढ़ के बाद मानवीय सहायता बढ़ा दी है। भारत की ओर से अब तक करीब 47.5 टन मानवीय सहायता, आपदा राहत सामग्री और जरूरी दवाइयां नेपाल भेजी जा चुकी हैं।

भारतीय वायुसेना के विमानों से पहुंचाई गई राहत।

भारत ने राहत सामग्री को नेपाल तक पहुंचाने के लिए भारतीय वायुसेना के विमानों का इस्तेमाल किया। शुरुआती खेप में राशन, दवाइयां और राहत कार्यों के लिए जरूरी अन्य सामान भेजा गया। राहत सामग्री की पहली खेप काठमांडू पहुंचने के बाद लगातार सहायता भेजी जा रही है।

भारत की इस त्वरित मदद को उसकी ‘Neighbourhood First Policy’ के तहत पड़ोसी देशों के प्रति प्रतिबद्धता के तौर पर देखा जा रहा है। प्राकृतिक आपदा के समय भारत पहले भी नेपाल समेत अपने पड़ोसी देशों की मदद करता रहा है।

संकट में नेपाल के साथ खड़ा भारत।

नेपाल में बाढ़ से पैदा हुए गंभीर हालात के बीच भारत की ओर से तेजी से राहत सामग्री भेजे जाने को दोनों देशों के मजबूत रिश्तों के तौर पर देखा जा रहा है। भारत का संदेश साफ है कि प्राकृतिक आपदा जैसी मुश्किल परिस्थितियों में वह अपने पड़ोसी देशों के साथ खड़ा रहेगा।

नेपाल में राहत सामग्री पहुंचने के बाद भारत की इस पहल की सराहना भी की जा रही है। स्थानीय स्तर पर भारत की ओर से समय पर भेजी गई सहायता को राहत एवं बचाव अभियानों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।