नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर इन दिनों JJ Communication से जुड़ा एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें 9 करोड़ रुपये के महंगे इंजेक्शन के नाम पर फंड जुटाने को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला इंटरनेट पर तब चर्चा और बहस का विषय बन गया जब मुनव्वर फारूकी ने इस वीडियो को पोस्ट करने के लिए पैसे दिये जाने का आरोप लगाते हुए इसे स्कैम बता दिया।
वायरल वीडियो में दावा किया गया है कि एक बच्चे के इलाज के लिए दुर्लभ बीमारी से जुड़े 9 करोड़ रुपये के इंजेक्शन के नाम पर मदद मांगी गई, लेकिन फंडरेज़िंग प्रक्रिया और पारदर्शिता को लेकर कुछ यूजर्स ने संदेह जताया है। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर इस अभियान को लेकर सवाल उठाए और सबूत सामने रखने की मांग की।
सोशल मीडिया पर आरोप और प्रतिक्रिया।
वायरल क्लिप्स और पोस्ट्स में कुछ यूजर्स ने इसे भ्रामक फंडरेज़िंग करार दिया, जबकि कई लोग यह भी कह रहे हैं कि बिना पुख्ता जानकारी के किसी पर आरोप लगाना गलत है। मामला बढ़ता देख यह मुद्दा अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर ट्रेंड करने लगा।
Elvish Yadav का स्पष्टीकरण
इस विवाद के बीच यूट्यूबर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर Elvish Yadav ने भी एक वीडियो जारी कर अपनी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि
- उन्होंने किसी से कोई पैसा नहीं लिया।
- न ही इस फंडरेज़िंग से उन्हें कोई निजी लाभ हुआ।
उनका नाम केवल वीडियो से जोड़ा जा रहा है, जबकि वे किसी कथित गलत काम का हिस्सा नहीं हैं Elvish ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर अधूरी जानकारी के आधार पर किसी को दोषी ठहराना ठीक नहीं है।
अब तक क्या स्थिति है?
फिलहाल इस मामले में कोई आधिकारिक जांच या सरकारी पुष्टि सामने नहीं आई है। पूरा विवाद अभी सोशल मीडिया तक ही सीमित है, जहां एक तरफ सवाल उठाए जा रहे हैं तो दूसरी तरफ सफाई दी जा रही है।
9 करोड़ का इंजेक्शन क्या होता है?
गौरतलब है कि 9 करोड़ रुपये के इंजेक्शन से अक्सर दुर्लभ जेनेटिक बीमारियों, खासकर Spinal Muscular Atrophy (SMA) जैसी बीमारियों के इलाज की बात की जाती है। यह एक बार दी जाने वाली जीन थेरेपी होती है, जिसकी कीमत बेहद अधिक होती है।
























