मध्यप्रदेस मे चिताओ पर लेटी महिलाये,केन बेतवा लिंक परयोजना का विरोध

Madhya Pradesh Ken Betwa Link Project : देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2024 मे जिस परियोजना की नीव रखी थी आज उसी परियोजना के विरोध मे मश्य्प्रदेश की आदिवासी महिलाये चिताओ पर लेटने को मजबूर है।

मध्यप्रदेस के छतरपुर में केतना-बेतवा रिवर लिंक परियोजना का जबरजस्त विरोध किया जा रहा है। स्थति ऐसी बन आई है की आदिवासी किसान महिलाएं ‘चिता’ पर लेटकर इस परियोजना का विरोध कर रही हैं। विरोध करने वाली महिलाओं का कहना है कि वो अपनी आखिरी सांस तक इस प्रोजेक्ट का विरोध करती रहेंगी। मौके से वायरल होने वाले विडियो और तस्वीरे गरीब का दर्द बयान कर रहे लेकिन सरकार इनका पक्ष सुनने को तैयार नही है, इसी विरोध में तमाम आदिवासी महिलाएं अपने गोद में मासूम बच्चों को लेकर इन चिताओं पर लेटी हुई दिखाई पड़ रही है।

विरोध के कारणों को ऐसे समझिए 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ये प्रोजेक्ट मध्य प्रदेश के सूखाग्रस्त जिलों और यूपी के कुछ इलाकों के लिए बनाया जा रहा है जिसे आगामी कई सालो में कई चरणों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसी प्रोजेक्ट मे डूब क्षेत्रो में आने वाले किसानो की जमीने जा रही किसानो का कहना है की उन्हें उनकी जमीनों का उचित मुआवजा और विस्थापन नही दिया जा रहा यही कारण है की ये आन्दोलन लगातार जारी है। बांध और नहरें के निर्माण के कारण पन्ना और छतरपुर जिले के लगभग 6628 परिवारों को अपना घर छोड़ना पड़ेगा,स्थानीय लोगों का कहना है पानी का प्रभाव उनके घरों को बहा ले जाएगा, और उनके पुनर्वास के लिए उचित योजना का आभाव है, पर्यावरण और वन्यजीव पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा?

पन्ना टाइगर रिजर्व को बता रहे खतरा।

इस परियोजना से पन्ना टाइगर रिजर्व का लगभग 5500 हेक्टेयर जल मग्न हो जाएगा,इस से बाघों के प्राकृतिक आवास नष्ट हो जाएंगे।और उनकी आबादी पर बुरा प्रभाव पड़ेगा, साथ ही अनुमान है की इस परियोजना से लगभग 60 से 72 लाख पेड़ काटे जाएंगे, जिसे स्थानीय जीवन अस्त व्यस्त हो जायेगा।

दिल्ली नही जाने दे रही पुलिस।

आरोप है की अपने हक़ और अधिकारों की आवाज दिल्ली तक पहुचाने के लिए जब प्रदर्शनकारियो ने दिल्ली कूच किया तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया सड़के बंद कर दी बस्तियों में खाने-पीने की चीजों की सप्लाई रोक दी गई, उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें लगातार धमकियां भी दी जा रही थीं।

प्रधानमंत्री मोदी ने रखी थी प्रोजेक्ट की नीव।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2024 में खजुराहो आकर इस प्रोजेक्ट की नींव रखी थी। इस परियोजना के जरिए केन नदी बेसिन से पानी को बेतवा बेसिन के पानी की कमी वाले इलाकों में पानी पहुंचाना है। इसके लिए छतरपुर जिले में दौधन बांध का निर्माण हो रहा है। साथ ही इसमें 200 किमी लंबा नहर नेटवर्क और सिंचाई-बिजली से जुड़े अन्य निर्माण कार्य शामिल हैं। इस परियोजना के पूरे होने के बाद 10 लाख हेक्टेयर से ज्यादा जमीन की सिंचाई की जरूरतें पूरी होने और बिजली उत्पादन के साथ-साथ लगभग 62 लाख लोगों को पीने का पानी मिलने की उम्मीद है। इस प्रोजेक्ट का मकसद है कि एमपी और यूपी के सूखाग्रस्त इलाकों को पानी मिले

इस प्रोजेक्ट में डैम बनाने, 200 किलोमीटर से ज्यादा लंबी नगर नेटवर्क और सिंचाई के साथ बिजली बनाने वाले इन्फ्रास्ट्रक्चर बनाने की योजना है। इस प्रोजेक्ट को लेकर अधिकारियों ने बताया कि प्रोजेक्ट से बिजली पैदा होगी और 10 लाख हेक्टेयर से ज्यादा जमीन की सिंचाई जरूरतों को भी पूरा किया जाएगा। इस योजना से 62 लाख लोगों को पीने के लिए साफ पानी भी उपलब्ध करवाया जाएगा।

INPUT – Vipit Kumar