बिठूर में फिर भाजपा-सपा की सियासी जंग, सांगा के सामने ब्रजेन्द्र यादव का नाम बना चर्चा का विषय

कानपुर। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज होने लगी हैं। कानपुर की बिठूर विधानसभा सीट पर भी संभावित मुकाबले को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। मौजूदा विधायक अभिजीत सिंह सांगा भाजपा की ओर से प्रमुख दावेदारों में हैं, जबकि समाजवादी पार्टी की ओर से मुनींद्र शुक्ला को पछाड़ते हुए ब्रजेन्द्र सिंह यादव का नाम संभावित उम्मीदवारो के तौर पर चर्चाओ में बताया जा रहा है। वो बात अलग है कि अभी किसी भी राजनैतिक पार्टी की तरफ से अपने उम्मीदवारो के नामो की आधिकारिक घोषणा नही की गई है।

अभिजीत सिंह सांगा बिठूर से लगातार दो बार विधायक चुने जा चुके हैं। 2022 के विधानसभा चुनाव में सांगा को 1,07,330 वोट मिले थे, जबकि सपा के मुनीन्द्र शुक्ला को 86,257 वोट मिले। सांगा ने 21,073 वोट के अंतर से चुनाव जीता था।

अब 2027 की संभावित सियासी लड़ाई में सवाल यह है कि क्या भाजपा अपने मौजूदा विधायक के साथ लगातार तीसरी बार मैदान में उतरने को तैयार है या फिर कोई दूसरी सियासी तस्वीर सामने आने वाली है वो देखने वाली बात होगी।

राजनैतिक विश्लेषकों के मुताबिक बिठूर विधानसभा में सपा अगर मुनींद्र शुक्ला की जगह ब्रजेन्द्र सिंह यादव के नाम पर दांव लगाती है तो पीडीए वाले फार्मूले के तहत उसे भारी फायदा मिल सकता है। इसके साथ ही बिठूर विधानसभा में तमाम स्थानीय संगठन,ढेरों क्षेत्रीय मुद्दे महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। बिठूर विधानसभा मे भारी संख्या में पीडीए वोटर है।

सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव के बेहद करीबी माने जाते है ब्रजेन्द्र यादव।

सपा नेता ब्रजेन्द्र यादव अखिलेश यादव के बेहद खास नेताओं में से एक माने जाते है पूर्व में ब्रजेन्द्र यादव की पत्नी को किदवई नगर विधानसभा से टिकट भी दिया गया था लेकिन फिर किन्हीं कारणों से वो चुनाव नही लड़ सकी थी। फिलहाल राजनैतिक विश्लेषकों द्वारा कयास लगाए जा रहे कि बिठूर मे सपा पुराने प्रत्याशियों को रिपीट करने के मूड में नहीं है।

सांगा अपने कार्यकाल में सड़क, बुनियादी ढांचे, किसान, शिक्षा, स्वास्थ्य और क्षेत्रीय विकास से जुड़े कामों को अपनी प्राथमिकताओं में गिनाते रहे हैं।  वहीं विपक्ष की ओर से समय-समय पर स्थानीय विकास, अवैध खनन और जनसमस्याओं को लेकर भाजपा विधायक पर सवाल उठाए जाते रहे हैं। जून 2026 में स्थानीय राजनीतिक बयानबाजी में भी सांगा और सपा नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप देखने को मिले थे।

परिवारवाद पर सवालों के घेरे में बीजेपी विधायक।

हाल ही मे बिठूर विधायक अभिजीत सिंह सांगा की माता का देहांत हो गया था वह बिठूर नगर पंचायत की चेयरमैन भी रही थी इसलिए खाली हुई शीट पर विधायक के भाई और भाभी की दावेदारी की खबर आने पर विपक्ष ने इसे परिवारवाद का मामला बताकर तूल देने का काम शुरू कर दिया है।

अब नजर टिकट पर।

बिठूर में फिलहाल सबसे बड़ा सवाल टिकट को लेकर है। भाजपा की तरफ से सांगा का नाम चर्चा में है, जबकि सपा में ब्रजेन्द्र सिंह यादव के नाम को लेकर राजनीतिक चर्चाएं हैं। अंतिम तस्वीर दोनों दलों की आधिकारिक सूची आने के बाद ही साफ हो जाएगी।

भाजपा मे भीतरघात की आशंका।

सूत्र बताते है कि बिठूर से ही भाजपा के एक बड़े पदाधिकारी चुनाव लड़ने का मन बना चुके है गुप्त रूप से उनकी मुलाकाते हाई कमान से हो रही है बिठूर की गुड और बैड रिपोर्ट तक साझा की जा चुकी है अगर ऐसा हुआ तो वोटो का अंतर बहुत कुछ बदल सकता है। क्योंकि इसबार भाजपा की वो लहर नही रह गई है जो पहले हुआ करती थी।

फिलहाल बिठूर की राजनीति में 2027 का चुनाव एक बार फिर भाजपा बनाम सपा की सीधी राजनीतिक टक्कर का रूप लेता है या मुकाबला बहुकोणीय होता है, यह आने वाले महीनों में तय हो जाएगा हालांकि टिकट तय होते ही बहुत कुछ साफ हो जाएगा।